कांग्रेस पार्टी की विधायक अंबा प्रसाद के खिलाफ सरकारी पैसे की अवैध निकासी की प्राथमिकी दर्ज की गयी है। इस मामले में विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति सहित 11 अन्य लोग भी आरोपी बनाये गये हैं। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर ये प्राथमिकी दर्ज की गयी है।
ये मामला 2019-20 का है। विनोबा भावे विश्वविद्यालय के अंतर्गत कर्णपुरा कॉलेज में शासी निकाय का गठन किया गया। इस शासी निकाय में बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद, इंद्रजीत कुमार, टुकेश्वर प्रसाद और ज्योति जलधर सहित कई लोग थे। इन लोगों ने शासी निकाय की कार्यावधि समाप्त हो जाने के बाद एक बैठक की जिसकी अध्यक्षता अंबा प्रसाद ने की थी। आरोप है कि इन लोगों ने 2019-20 में कॉलेज को मिलने वाले 48 लाख रूपये के सरकारी अनुदान की निकासी की।
इस मामले को लेकर कर्णपुरा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य रामसेवक महतो द्वारा झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गयी थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि शासी निकाय के गठन में यूनिवर्सिटी एक्ट का उल्लंघन किया गया। शासी निकाय के सदस्यों ने वित्तीय अनियमितता की। आरोप है कि अगठित वैधानिक संस्था में भाग लेकर गलत दस्तावेज तैयार किया गया।
अधिवक्ता अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि यूनिवर्सिटी एक्ट के मुताबिक शासी निकाय महज 3 साल तक ही कार्यरत रह सकता है। शासी निकाय ने इसका उल्लंघन किया। 48 लाख रूपये की अवैध निकासी की गयी।




