राँची : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने राज्य सरकार के सरहुल और रामनवमी के जुलूस पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया लेते हुए कहा कि अपने तुगलकी फरमानों के लिए चर्चित हेंमत सरकार ने फिर से जनभावनाओं में आकर आहत करने वाले फैसले लिए हैं. राज्य में सरहुल और रामनवमी के जुलूस पर प्रतिबंध लगाकर हेमन्त सरकार ने जनता के धार्मिक परंपरा और संस्कृति पर हमला किया है।
उन्होंने ने ये भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी भी चाहती है कि कोरोना संक्रमण से सभी को बचाया जाए परन्तु किसी समाज़ की धार्मिक सांस्कृतिक भावनाएँ भी आहत नहीं हो।
उन्होनें कहा कि पूर्व में भी सरकार को अपने तुगलकी फ़रमान वापस लेना पड़ा है और पुन: यह सरकार बिना किसी विचार – विमर्श के निर्णय लेने में अभयस्त है. सामाजिक दूरी एवं कोरोना के नियमों का पालन कराते हुए भी धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम अायोजित कराए जा सकते हैं, इसलिए सरकार को इस दिशा में पुन: विचार – विमर्श करने की अावश्यकता है , जिससे परंपरा व सांस्कृतिक भावनाएँ भी अाहत नही हो. कोरोना के इस वातावरण में राज्य में उपचुनाव होने वाले हैं , जिसमें भिन्न – भिन्न जनसभाएँ , राजनितिक कार्यक्रम अायोजित होंगे.
उन्होनें कहा कि क्या मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेेन जनसभाओं और जनसंपर्क में शामिल नहीं होंगे ? यदि जनता को अपने धार्मिक अनुष्ठान को संपन्न कराने से सरकार रोकती है तो फिर मुख्यमंत्री भी घोषणा करें कि वे भी जनसभा , जनसंपर्क कार्यक्रमों में शामिल नहीं होंगे.उन्होंने सरकार से जनभावनाओं के अनुरूप अपने फैसले पर पुन: विचार का अाग्रह किया है.




