रांची : फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैंबर ऑफ काॅमर्स एण्ड इन्डस्ट्रीज के श्रम एवं मापतौल उप समिति का बैठक 11 मार्च (गुरुवार) को संपन्न हुआ। बैठक में कई प्रस्ताव रखे गए।
प्रस्ताव में प्राइवेट अस्पताल के विभिन्न लैब से ई.एस.आई.सी. का टाईअप करना आवश्यक बताया गया। जिससे ईएसआईसी में बीमित लाभार्थियों को अधिक लाभ मिल सकें। और प्रस्ताव रखा गया की ई.एस.आई.सी. अस्पताल नामकुम, रांची के अलावा देवघर और बोकारो में भी स्थापित करने की आवश्यकता है। कहा गया की जिले में आर्थिक गतिविधियों के बढने से लोग भी बढे हैं, किंतु ई.एस.आई.सी अस्पताल नहीं रहने के कारण अन्य जिलों के लाभार्थियों को काफी परेशानी होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि बीमित लाभार्थियों की सुविधा के लिए ई.एस.आई.सी. द्वारा सिंगल विंडो सिस्टम विकसित किया जाय, ताकि लाभार्थियों को अनावश्यक कठिनाई नहीं हो। बैठक में तय किया गया कि इस मामले में उप समिति द्वारा पुनः कर्मचारी राज्य बीमा निगम के उच्चाधिकारियों से वार्तालाप किया जाएगा।
श्रम एवं मापतौल उप समिति चेयरमेन प्रमोद सारस्वत ने कहा कि व्यापारियों की मांग पर फेडरेशन चैंबर द्वारा हाल ही में सिमडेगा, गुमला एवं लोहरदगा में बाट, बटखरा, मापतौल मशीन, मीटर इत्यादि के सत्यापन एवं नवीकरण हेतु विभाग के सहयोग से एक दिवसीय शिविर लगाया गया था। शीघ्र ही इस शिविर का आयोजन चैंबर भवन के अलावा कोकर, लालपुर एवं पंडरा बाजार में किया जाएगा। मापतौल उपकरणों के नवीकरण में विलंब होने पर लग रहे जुर्माना राशि से छोटे-छोटे व्यापारियों की कठिनाईयों को देखते हुए सदस्यों द्वारा कहा गया कि बिना जुर्माना के ही उपकरणों का नवीकरण किया जाना चाहिए।
बैठक में चैंबर अध्यक्ष प्रवीण जैन छाबडा, उपाध्यक्ष किशोर मंत्री, महासचिव राहुल मारू, कार्यकारिणी सदस्य अमित शर्मा, श्रम एवं मापतौल उप समिति चेयरमेन प्रमोद सारस्वत, आदि उपस्थित थे।




