रांची : जोनल कमांडर जीवन कंडुलना उर्फ पतरस कंडुलना ने आत्मसमर्पण कर दिया. न्यू पुलिस लाइन के प्रेस वार्ता में उपायुक्त छवि रंजन और एसएसपी सुरेंद्र झा के समक्ष राइफल के साथ आत्मसमर्पण किया। जोनल कमांडर खूंटी जिले के रनिया गांव निवासी जीवन भाकपा माओवादी का जोनल कमांडर था। जोनल कमांडर पर 77 से अधिक मामला दर्ज है।
कमांडर ने बताया कि बहन के साथ दुष्कर्म हुआ था, जिसका बदला लेने के लिए संगठन में शामिल हुआ। लेकिन माँ को कैंसर होने पर संगठन से कोई मदद नहीं मिली। साथ ही माँ का मृत्यु होने पर अंतिम दर्शन के लिए भी छुट्टी नहीं मिला। जिसके कारण संगठन को छोड़कर आत्मसमर्पण करने का फैसला लिया।
नक्सली जीवन कंडुलना ने कहा कि जनवरी 2019 में उसकी बहन के साथ चार युवकों ने दुष्कर्म कर हत्या कर दिया। उस समय वह जलंधर में काम करता था। बहन की हत्या के बाद भाजपा माओवादी के निर्मल और प्रसाद जी उर्फ कृष्णा अहीर से संपर्क कर समूह में शामिल हो गया। समूह में शामिल होने के बाद बहन के साथ दुष्कर्म किए युवक मध्यम कुमार और राजकिशोर का हत्या कर बदला लिया। वर्ष 2009 से 2021 तक कई घटनाओं का अंजाम दिया।

जोनल कमांडर को दो लाख का चेक दिया गया।
एसएसपी सुरेंद्र झा ने कहा कि चार डिसमिल जमीन, बेटी की पढ़ाई का खर्चा, परिवार को रहने का घर दिया जाएगा। सजा के बाद नौकरी या व्यवसाय में मदद किया जाएगा।
उपायुक्त छवि रंजन ने कहा कि जीवन कंडुलना को जो भी मदद की आवश्यकता होगी, सारा कुछ मुहैया कराया जाएगा।




