रांची : आजसू पार्टी कार्यालय में विश्वासघात दिवस कार्यक्रम में बोलते हुए आजसू प्रमुख ने कहा कि ‘विश्वासघात’ शब्द के मायने हैं। हमारी पार्टी बहुत सहजता और भरोसे के साथ सरकार को चुनौती देती है कि वह झारखंड में अबुआ राज स्थापित करने के स्लोगन गढ़े, पर युवा, किसान, महिला, बेरोजगार, लाचार, बुजुर्ग और प्रबुद्धजनों के विश्वास को नहीं तोड़े। कोरोनाकाल का संकट बताने भर से सरकार की नाकामियां नहीं छिप सकती।
उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी महज विरोध की खतिर आज पूरे राज्य में ‘विश्वासघात दिवस’ नहीं मना रही है, बल्कि राज्य की साढ़े तीन करोड़ जनता को विचार मंथन और जनादेश का हिसाब लेने के लिए जगा रही है। दरअसल जनता ने जिन उम्मीदों के साथ सरकार को मजबूत जनादेश दिया है, उस कसौटी पर सरकार एक साल में कितना कारगर रही है, इसका हिसाब-किताब बेहद जरूरी है।




